आयुर्वेद का अर्थ औषधि - विज्ञान नही है वरन आयुर्विज्ञान अर्थात '' जीवन-का-विज्ञान'' है

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Thursday, April 28, 2016

आपके गंजे सर पर कैथ बाल उगा सकता है.


                                  


इसे पहचाना आपने ?यह कैथ का फल है। जो अक्सर स्कूलों के बाहर बिकता हुआ दिखाई देता है। लड़कियां बड़े चाव से खाती हैं। कुछ खट्टा मीठा सा होता है।  अक्सर इसे लोग हिकारत से देखते हैं। लेकिन ये है बड़े काम की चीज। आज के बाद कहीं बिकता दिखाई दे तो जरूर घर ले आइएगा। 
इसका पेड़ सारे देश में पाया जाता है। छोटे और चिकने पत्तों वाला ये पेड़ कम से कम 15 फुट ऊँचा तो होता ही    है। आप इसके फल के बीज कभी  फेकिएगा। हार्ट  पेशेंट के लिए तो अमृत हैं  इसके बीज। इसके २ बीजों का चूर्ण  बनाकर  कम से कम २१ दिन तक निगल लीजिए ,सादे पानी से। हार्ट प्रॉब्लम ख़त्म। उसके बाद साल भर तक हफ्ते में एक ही बार बीजों का चूर्ण लीजिएगा। 
कच्चे कैथ के गूदे के चूर्ण को खाने से आमातिसार अर्थात  दस्त और आंव  बहुत फायदा मिलता है। 5  ग्राम चूर्ण सादे पानी  से 5  दिनों तक निगलिए। 
कच्चे कैथ के रस में कसीस और करंज  को पीस कर ३ माह तक लगाने से सिर पर बाल  उग जाते हैं। 
इसका तेल दाद, खाज, खुजली पर लगाने से आराम मिलता है। 
बच्चों के पेट में दर्द  हो रहा हो तो बेलगिरी और कैथ  गूदे का शरबत मिला कर १-१ कप पिलाइए। एक बार पीने में ही आराम आ जाएगा।  
कच्चे कैथ  रस निकाल कर उसमे बराबर मात्रा में शहद मिलाइये और शहद की आधी मात्रा में छोटी पीपल का चूर्ण मिला लीजिये। यह दवा तैयार हो गई। किसी को उलटी आ रही हो तो आधा चम्मच यह दवा चटा दीजिये ,आराम मिल जाएगा। गर्भवती हों तो यह दवा जरूर बना कर रखिये। यह दवा बार बार आने वाली हिचकी में  भी काम करती है। 
दमा या अस्थमा की शिकायत हो तो कच्चे कैथ का रस १५ ग्राम रोज पीजिए। ४१ दिन में बीमारी जड़ से खत्म हो जायेगी। 
कैथ के पत्ते भी बहुत काम के हैं। दांत,मसूढ़े,या गले में कोई गांठ या दर्द हो तो पत्तों के काढ़े से गरारा और कुल्ला दोनों कीजिये। तुरंत आराम मिलेगा। सफ़ेद पानी गिरने की शिकायत में इसके पत्तों के साथ बांस के पत्ते पीस कर शहद से २ महीने तक चाटिये। 
कैथ अकेला  ऐसा खट्टा फल है जो वीर्यवर्धक है। वर्ना सभी खट्टे फल वीर्य का नाश करते हैं। 


कैथ को हिंदी में बिलिन या कटबेल भी कहते हैं। मराठी,गुजराती और फ़ारसी  में इसे कबीट कहते हैं। इसे तेलगू  में ऐलागाकाय और संस्कृत  में कपित्थ ,कुचफल ,गन्धफल ,चिरपाकी ,बैशाख नक्षत्री,दधिफल कहते हैं। वैज्ञानिक भाषा में इसे Feronia elephantum के नाम से जाना जाता है। 



इन आलेखों में पूर्व विद्वानों द्वारा बताये गये ज्ञान को समेट कर आपके समक्ष सरल भाषा में प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयत्न मात्र है .औषध प्रयोग से पूर्व किसी मान्यताप्राप्त हकीम या वैद्य से सलाह लेना आपके हित में उचित होगा

2 comments:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (30-04-2016) को "मौसम की बात" (चर्चा अंक-2328) पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Anonymous said...

What is कसीस और करंज in english? Can I get these in market?