आयुर्वेद का अर्थ औषधि - विज्ञान नही है वरन आयुर्विज्ञान अर्थात '' जीवन-का-विज्ञान'' है

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गुरुवार, 23 फ़रवरी 2012

अद्भुत ताकत का खजाना

एक कहावत तो सदियों से मशहूर है कि-


हरण  ,बहेड़ा,आंवला घी शक्कर संग खाय
हाथी दाबे कांख में चार कोस ले जाय


आज कल इस ताकत की  तो कल्पना भी नहीं की जा सकती ,५ किलो सामान हाथ में लेकर आधा किलो मीटर पैदल चलना पड़े तो दांतों तले पसीना आ जाता है.
चलिए इस कहावत का ही आँख बंद करके अनुसरण किया जाए. कारण कि सर्दियां जाने वाली हैं ,गर्मियों में च्यवनप्राश खाया जाता नहीं. आइये अब हम इसी का च्यवनप्राश बना डालें ताकि कुछ ताकत तो आये. अगर हाथी दाबे वाली ताकत आ गयी तो बल्ले बल्ले .
वैसे तो हरण, बहेड़ा और आवला बाज़ार में त्रिफला के नाम से उपलब्ध है ,लेकिन हम खुद ही बना लें तो....
चलिये१०० ग्राम हरण ,२०० ग्राम बहेड़ा  और ३०० ग्राम आंवला  . अब इसमें ६०० ग्राम ताड़ मिश्री और १००० ग्राम देशी घी मिलाकर पेस्ट बनाकर कांच के मर्तबान में रख कर बंद कर दीजिये और ३ दिन उस मर्तबान को धूप में रख दीजिये .फिर ये खाने के लिए तैयार है ,प्रतिदिन कम से कम १० ग्राम तो खाना ही है वह भी खाली पेट.
खा करके मुझे बताइयेगा कि हाथी दाबे वाली ताकत आई कि नहीं. 


इन आलेखों में पूर्व विद्वानों द्वारा बताये गये ज्ञान को समेट कर आपके समक्ष सरल भाषा में प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयत्न मात्र है .औषध प्रयोग से पूर्व किसी मान्यताप्राप्त हकीम या वैद्य से सलाह लेना आपके हित में उचित होगा

10 टिप्‍पणियां:

kshama ने कहा…

Mujhe recently heart attack aake gaya! Kuchh sujhaw Hain?

सदा ने कहा…

बेहतरीन प्रस्‍तुति ।

avanti singh ने कहा…

bahut achi jaankari di aap ne

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

हाथी को दबाने वाली बात राजनैतिक हो जायेगी, शक्ति बढ़ाने के लिये ही खाते हैं...

ऋता शेखर 'मधु' ने कहा…

अच्छी जानकारी के लिए आभार.

Asha Joglekar ने कहा…

कांग्रेस जन और नेता तो जरूर खाना चाहेंगे । जानकारी बहुत उपयोगी है ।

alka mishra ने कहा…

आदरणीय क्षमा जी ,

आप दोनों समय खाने से १५ मिनट पहले अदरक का २ ३ सेमी लंबा पीस लीजिए और उसे सेंधा नमक में डूबा लीजिए फिर चबा चबा कर खाइए ,यह काम अब सारी जिंदगी कीजिए ताकि दुबारा ह्रदय से सम्बंधित कोई भी परेशानी न हो.

MADANLALBHANSALI ने कहा…

MERE BACHO KA PADHAI MAI MAN NAHI LAGTA HAI, AAPSE PHONE PER BAT HUI THI,KOI FARMULA HAI, BATAYE
madanlalbhansali@yahoo.com

प्रशांत ने कहा…

माफ कीजियेगा लेकिन ये सिर्फ एक भ्रांति है कि गर्मियोँ मेँ च्यवनप्राश नहीँ खाना चाहिये।च्यवनप्राश बारहोँ महीने बेझिझक खाया जा सकता है।इसमेँ प्रधान द्रव्य आँवला होता है जो शीतवीर्य होने के कारण गर्मियोँ मेँ भी शीतलता प्रदान करता है,अतः गर्मियोँ मेँ च्यवनप्राश खाने से कोई भी नुकसान नहीँ होता,अपितु लाभ ही होता है।

jeevan ने कहा…

नमस्कार सर मेरा बेटा ११ साल का है .उसे गेहू की रोटी खाते ही दस्त लगने लगते है डॉ. के मुताबित उसकी आंत खराब है या आंते गेहू हजम नहीं कर पाती. ऐसे में हमे क्या करना चाहिए .क्रपया कोई इलाज बताये धन्यवाद