आप जितने लोग मेरी पोस्ट like करते हैं ,comment और share करते हैं ,अगर सिर्फ आप ही इन उपायों को अपनाकर उसके वास्तविक हानि लाभ और अनुभव मुझे बताएं शायद मैं कुछ और बेहतर अनुसंधान कर सकुंगी और ज्यादा प्रसन्नता महसूस करुँगी।
आधा किलो सरसो का तेल लीजिये ,एक बोतल में रखिये। २५० ग्राम सूखे आवले लीजिये , बोतल में डाल दीजिये। ढक्कन बंद करके बोतल रख दीजिये। १० दिन बाद बोतल को कस के हिलाइए। २ घंटे तक बोतल को रख दीजिये। अब यही तेल रोज सिर में लगाइये। बाल बढ़ेंगे। आँखों की रोशनी भी बढ़ेगी। आंवले बोतल में नीचे ही पड़े रहने दीजिये।
हाई ब्लडप्रेशर में बादाम का तेल बहुत फायदा करता है। सोते वक्त ५-५ bund तेल दोनों नाक में डालिये। अनेक फायदे मिलेंगे।
तेजपत्ते का २ ग्राम चूर्ण गरम पानी से और रतनजोत का १ ग्राम चूर्ण सादे पानी से प्रतिदिन लीजिये। आपको एक सप्ताह में ही अद्भुत शक्ति का एहसास होगा।
आँखों की रौशनी बढ़ानी है तो आधा चम्मच हरी धनिया की चटनी में आधा चम्मच त्रिफला चूर्ण मिला कर प्रतिदिन खाइये।
अगर आपको जरुरत से ज्यादा पेशाब होता है और रात में कई बार जागना होता है तो आप डिनर अर्थात रात के भोजन के बाद ५ ग्राम आंवले का चूर्ण पानी के साथ निगल कर सोएं। आपको आशातीत लाभ मिलेगा।
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अगर आपको सिर से संबंधित कोई भी रोग हो तो निम्न कार्य कदापि न करें ---
दिन में सोना
तैराकी
लकड़ी का दातुन करना
बेमौसम के फल या सब्जी खाना
मल,मूत्र, छींक ,जम्हाई,निद्रा या अपां वायु के वेग को दबाना।+
बढ़ती हुई उम्र में त्वचा को जवान बनाये रखने के लिए प्रोटीन +
और वसा की ज्यादा जरुरत होती है।
जिमीकंद अर्थात सूरन का मौसम आ गया है ,बवासीर के रोगी रोज सूरन की सब्जी या भर्ता बनाकर खाएं। २ माह तक खा लेंगे तो बवासीर आपको पूरे साल तंग नहीं करेगी.
कार्तिक के महीने में आवले के पेड़ के नीचे वास करने की बात पुराणों में कही गयी है। आपको आवले का पेड़ मिलेगा नहीं। रोजाना आवले की चटनी या आवले का हलुवा खा कर अपनी सेहत को प्रकृति के अनुकूल बना सकते हैं।
वैसे कार्तिक के महीने में dahi खाना मना किया जाता है आयुर्वेद में।
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