आयुर्वेद का अर्थ औषधि - विज्ञान नही है वरन आयुर्विज्ञान अर्थात '' जीवन-का-विज्ञान'' है

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रविवार, 26 जुलाई 2026

स्वाइन फ्लू की ज़रा सी भी आशंका हो तो दो काम कीजिए -
१- तेज काली  काफी बनाएं ,उसमे एक नीम्बू का रस निचोड़ कर पी जाएँ। 
२- आधा चम्मच गिलोय का चूर्ण और आधाचम्मच अजवाइन मिला कर एक गिलास पानी में काढ़ा बनाएं और हर एक घंटे पर एक कप पी जाएँ , कम  सेकम १५ कप पी जाएँ। 






1. बवासीर में दर्द का होना और मलद्वार का निकलना: 1 गिलास पानी में माजूफल पीसकर डालें और 10 मिनट तक उबाल लें, ठंडी होने के बाद इससे मलद्वार को धोयें। इससे मलद्वार का बाहर निकलना और बवासी
र का दर्द दूर होता है।
2. अंडकोष के रोग: 12 ग्राम माजूफल और 6 ग्राम फिटकरी को पानी में पीसकर अंडकोष पर लेप करें। 15 दिन लेप करने से अण्डकोषों में भरा पानी सही हो जाता है।
3. अंडकोष की सूजन: 10-10 ग्राम माजूफल और असगंध लेकर पानी के साथ पीस लें, फिर इसे थोड़ा-सा गर्म करके अण्डकोष पर बांधें। इससे अंडकोष की सूजन मिट जाती है।
4. दांतों का दर्द:
1 माजूफल एवं 1 सुपाड़ी को आग पर भून लें तथा 1 कच्चे माजूफल के साथ मिलाकर बारीक पाउडर बनाकर मंजन बना लें। इससे रोजाना 2 बार मंजन करने से दांतों का दर्द ठीक हो जाता है।
फिटकरी को फुला लें। माजूफल और हल्दी के साथ फूली हुई फिटकरी को बराबर मात्रा में मिलाकर बारीक पीसकर पाउडर बना लें। इससे मंजन करने पर दांतों की पीड़ा शांत होती है।
दांतों में तेज दर्द होने पर माजूफल को पीसकर दांतों के नीचे दबाकर रखें। इससे तेज दर्द में जल्द आराम मिलता है तथा दांतों से खून का आना बंद हो जाता है।
5. आंखों की खुजली: माजूफल और छोटी हरड़ को पीसकर आंखों में लगाने से आंखों की खुजली समाप्त होती है।
6. मसूढ़ों का रोग: माजूफल को बारीक पीसकर और छानकर सुबह-शाम मसूढ़ों पर मालिश करने से मसूढ़ों के सारे रोग समाप्त हो जाते हैं।
7. दांतों से खून आना: दांतों से खून निकल रहा हो तो माजूफल को बारीक पीसकर मंजन बना लें। इससे मंजन करने से दांतों से खून का निकलना बंद हो जाता है।
8. दांत मजबूत करना: 5 ग्राम माजूफल, 4 ग्राम भुनी फिटकरी, सफेद कत्था 6 ग्राम और 1 ग्राम नीलाथोथा भुना हुआ को बारीक पीसकर मंजन बना लें। इससे रोजाना मंजन करने से दांत मजबूत होते हैं।
9. दांतों में ठंडी लगना: माजूफल को बारीक पीसकर मंजन बना लें। इसे दांतों में लगाने से दांतों में पानी का लगना और खून निकलना बंद हो जाता है तथा दांत मजूबत होते हैं।
10. पायरिया:
20 ग्राम माजूफल, 1 ग्राम पोटेशियम परमैगनेट और 30 ग्राम पांचों नमक को मिलाकर बारीक पाउडर बना लें। इसके पाउडर से मंजन करने से पायरिया रोग दूर हो जाता है।
माजूफल के चूर्ण का दांतों पर मंजन करने से मुंह व मसूढ़ों के घाव एवं मसूढ़ों से खून का निकलना बंद होता है तथा पायरिया रोग में लाभ मिलता है।
11. कांच निकलना (गुदाभ्रंश):
2 ग्राम भुनी फिटकरी को 2 माजूफल के साथ पीसकर 100 ग्राम पानी में मिलाकर घोल बना लें। इस घोल में रूई को भिगोकर गुदा पर लगाएं और गुदा को अन्दर कर लंगोट बांध दें। लगातार 4-5 दिन तक इसका प्रयोग करने से गुदाभ्रंश (कांच निकलना) बंद हो जाता है।
माजूफल और फिटकरी का पाउडर बनाकर गुदा पर छिड़कने से दर्द में आराम आता है।
1 गिलास पानी में 2 माजूफल को पीसकर डालें और आग पर उबाल लें। ठंडी होने पर उस पानी से मलद्वार को धोने से गुदा का बाहर आना बंद हो जाता है।
10-10 ग्राम माजूफल, फिटकरी तथा त्रिफला चूर्ण को लेकर पानी में भिगो दें। 1 से 2 घंटे भिगोने के बाद पानी को कपड़े से छानकर मलद्वार को धोने से गुदाभ्रंश ठीक हा जाता है।
12. गर्भधारण: 60 ग्राम माजूफल को पीसकर छान लें। इसे 10-10 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम मासिक-धर्म समाप्त होने के बाद 3 दिनों तक गाय के दूध से सेवन करना चाहिए। इससे गर्भ स्थापित होता है।
13. मुंह के छाले:
माजूफल के टुकड़े को सुपारी की तरह चबाते रहने से मुंह के छाले और दाने आदि खत्म हो जाते हैं।
5-5 ग्राम माजूफल, कत्था, वंशलोचन तथा छोटी इलायची के दाने लेकर पीसकर और छानकर चूर्ण बना लें। इस 1 चुटकी चूर्ण को बच्चे के मुंह में सुबह-शाम छिड़कने से बच्चों के मुंह के छाले खत्म हो जाते हैं।
14. मुंह का रोग: 10 ग्राम माजूफल, 10 ग्राम फिटकरी और 10 ग्राम कत्था को पीसकर व कपड़े में छानकर चूर्ण बना लें। रोजाना 2 से 3 बार इस चूर्ण को मुंह में छिड़कने से मुंह के रोगों में आराम मिलता है।
15. दस्त: माजूफल को घिसकर या पीसकर बने चूर्ण को 3 से 6 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम खुराक के रूप में सेवन करने से अतिसार (दस्त) में लाभ मिलता है।
16. कान का बहना:
5 ग्राम माजूफल को पीसकर और कपड़े में छानकर 50 ग्राम शराब में मिला लें। इसकी 2-2 बंदे कान को साफ करके सुबह-शाम डालने से कान से मवाद बहना बंद होता है।
माजूफल को बारीक पीसकर सिरके में डालकर उबाल लें। उबलने के बाद इसे छानकर कान में डालने से कान में से मवाद बहना बंद हो जाता है।
17. घाव:
माजूफल को जलाकर उसकी राख एकत्र कर लें। इस राख को कपड़े से छानकर घाव पर छिड़कने से घाव ठीक हो जाता है।
माजूफल को पानी में पीसकर घाव पर पट्टी बांधने से लाभ मिलता है। इससे घाव जल्दी ठीक हो जाता है और घाव से खून भी आना बंद हो जाता है।
माजूफल को पीसकर और छानकर पानी में पीसकर घाव पर लगाकर पट्टी बांध लें। इससे खून बहना बंद हो जायगा, घाव भी भर जाएगा और हड्डी भी जुड़ जाती है।
18. श्वेतप्रदर: 1-2 ग्राम की मात्रा में माजूफल का चूर्ण ताजे पानी के साथ सुबह-शाम सेवन करने से श्वेतप्रदर ठीक हो जाता है।
19. रक्तप्रदर: 25 ग्राम माजूफल को लेकर 200 ग्राम पानी में मिलाकर काढ़ा बना लें। फिर उसमें 3-3 ग्राम रसौत, फिटकरी मिलाकर योनि को साफ करने से रक्तप्रदर में लाभ मिलता है।
20. नकसीर: माजूफल को पीसकर और किसी कपड़े में छानकर नाक से सूंघने से नकसीर (नाक से खून बहना) ठीक हो जाती है।
21. तंग योनि को शिथिल करना: 10 ग्राम माजूफल को पीसकर रख लें, फिर इसमें आधा ग्राम कपूर का चूर्ण और शहद मिलाकर योनि पर लगायें। इससे योनि शिथिल (ढीली) हो जाती है।
22. योनि का दर्द: माजूफल को पानी के साथ पीसकर लुगदी बना लें। फिर इसमें रूई को भिगोकर स्त्री की योनि में संभोग (सहवास) करने से पहले रख दें, इसके बाद संभोग करने से योनि में दर्द नहीं होता हैं। ध्यान रहे कि इसका प्रयोग गर्भ को रोकने के लिए भी प्रयोग किया जाता है, इसलिए सोच समझकर ही इस्तेमाल करें।
23. योनि का संकोचन:
माजूफल, शहद और कपूर को एक साथ पीसकर मिला लें, फिर इसे अंगुली की मदद से योनि में लगाने से योनि संकुचित हो जाती है।
माजूफल, धाय के फूल, फिटकरी को पीसकर बेर के आकार की गोली बनाकर योनि के अन्दर रखने से योनि छोटी हो जाती है।
24. होठ को पतला करना: माजूफल को पीसकर दूध या पानी में पीसकर रात को सोते समय होठों पर लगातार 1 सप्ताह तक लगाने से होठ पतले हो जाते हैं।
– भारतीय संस्कृति ही सर्वश्रेष्ठ है द्वारा



इन आलेखों में पूर्व विद्वानों द्वारा बताये गये ज्ञान को समेट कर आपके समक्ष सरल भाषा में प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयत्न मात्र है .औषध प्रयोग से पूर्व किसी मान्यताप्राप्त हकीम या वैद्य से सलाह लेना आपके हित में उचित होगा
बहुत धुँधुआ चुकी, अब आग  फूटे ,किरण सारी सिमट कर आज छूटे। 
छिपे हों देवता! अंगार जो भी ,दबे हों प्राण में हुंकार जो भी,
उन्हें पूंजित करो , आकार दो हे !मुझे मेरा ज्वलित श्रृंगार दो हे !
पवन का वेग दो, दुर्जय अनल दो,विकर्तन आज अपना तेज-बल दो !
चरण का भार लो,सिर पर संभालो, नियति की दूतियों मस्तक झुका लो। 
 चलो, जिस भाँति चलने को कहूँ मैं ,
ढलो, जिस भाँति ढलने को कहूँ मैं। 




अगर मैं साहित्य अकादमी की अध्यक्ष होती तो सबसे पहले पुरस्कार वितरण ही ख़त्म कर देती। मुझे कोई ये बताये कि जिन लोगों को पुरस्कार दिए जाते हैं ,उनलोगो की कोई भी एक रचना देश के ५ बच्चों को याद रहती पाई गयी है ?
खुदी राम बोस ,रामप्रसाद बिस्मिल ने लिखी थी एक कविता।सरफ़रोशी की तमन्ना    ........ सारे देश को याद है ,उनको कोई पुरस्कार मिला ? रामचरितमानस हर घर की शोभा है। तुलसीदास को कोई सम्मान मिला ? तो मुझे यह बताइये कि साहित्यकार को पुरस्कार सम्मान की क्या जरुरत है ?
राजा को मुकुट की जरुरत नहीं होती। ज्ञानी को डिग्री की जरुरत नहीं होती। पंडितजी को सम्मान की जरुरत नहीं होती उसी तरह कवियों लेखकों को पुरस्कार की जरुरत नहीं होनी चाहिए। जैसे पंडित इस देश में हमेशा सम्मान पाते हैं उसी तरह कवि भी इस देश में सदा से प्रशंसनीय रहे हैं और जनता उनकी आग्रही रही है। पंडित चुपचाप  सुख दुःख में अपना कर्तव्य निभाते हैं उसी तरह कवियों  कविता के सृजन में अपना कर्तव्य निभाते रहना होगा। इस देश में आजादी का बिगुल  कवियों लेखकों ने ही फूंका था ,उस समय इन्हें पुरस्कार की चाह नहीं थी मगर आग देश में फ़ैल गयी थी। जनता इसीलिए इन्हे सर-माथे पर बिठाती रही है।
ये पुरस्कार पाने वाले तो शायद अपने गली मोहल्ले में भी पहचान के लिए तरसते हों और पुरस्कार पाने -लौटाने  का दामन थाम कर पूरे देश के सर माथे बैठना चाह्हते हैं ? ४ दिन बाद भूल जाते हैं सब। ख़त्म करिये ये पुरस्कार सम्मान का लेना-देना।









आप जितने लोग मेरी पोस्ट like करते हैं ,comment और share करते हैं ,अगर सिर्फ आप ही इन उपायों को अपनाकर उसके वास्तविक हानि लाभ और अनुभव मुझे बताएं  शायद मैं कुछ और बेहतर अनुसंधान कर सकुंगी और ज्यादा प्रसन्नता महसूस करुँगी।




आधा किलो सरसो का तेल लीजिये ,एक बोतल में  रखिये। २५० ग्राम सूखे आवले लीजिये , बोतल में डाल दीजिये। ढक्कन बंद करके बोतल रख दीजिये। १० दिन  बाद बोतल को कस के हिलाइए। २ घंटे तक बोतल को रख  दीजिये। अब यही तेल रोज सिर में लगाइये। बाल बढ़ेंगे। आँखों की रोशनी भी बढ़ेगी। आंवले बोतल में नीचे ही पड़े रहने दीजिये।

हाई  ब्लडप्रेशर में बादाम का तेल बहुत फायदा करता है। सोते वक्त ५-५ bund तेल दोनों नाक में डालिये। अनेक फायदे मिलेंगे।

तेजपत्ते का २ ग्राम चूर्ण गरम पानी से और रतनजोत का १ ग्राम चूर्ण सादे पानी से प्रतिदिन लीजिये। आपको एक सप्ताह में ही अद्भुत शक्ति का एहसास होगा।



आँखों की रौशनी बढ़ानी है तो आधा चम्मच हरी धनिया की चटनी में आधा चम्मच त्रिफला चूर्ण मिला कर प्रतिदिन खाइये।

अगर आपको जरुरत से ज्यादा पेशाब होता है और रात में कई बार जागना होता है तो आप डिनर अर्थात रात के भोजन के बाद ५ ग्राम आंवले का चूर्ण पानी के साथ निगल कर सोएं। आपको आशातीत लाभ मिलेगा।



अगर आपको सिर से संबंधित कोई भी रोग हो तो निम्न कार्य कदापि न करें ---
दिन में सोना
तैराकी
लकड़ी का दातुन करना
बेमौसम के फल या सब्जी खाना
मल,मूत्र, छींक ,जम्हाई,निद्रा या अपां वायु के वेग को दबाना।+











बढ़ती हुई उम्र में त्वचा को जवान बनाये रखने के लिए प्रोटीन +
और वसा की ज्यादा जरुरत होती है।

जिमीकंद अर्थात सूरन का मौसम आ गया है ,बवासीर के रोगी रोज सूरन की सब्जी या भर्ता  बनाकर खाएं। २ माह तक खा लेंगे तो बवासीर आपको पूरे साल  तंग नहीं करेगी.
कार्तिक के महीने में आवले के पेड़ के नीचे वास करने की बात पुराणों में कही गयी है। आपको आवले का पेड़  मिलेगा नहीं।  रोजाना आवले की चटनी  या आवले का हलुवा खा कर अपनी सेहत को प्रकृति के अनुकूल  बना सकते हैं।
 वैसे कार्तिक के महीने  में dahi खाना मना किया जाता है आयुर्वेद में। 
एक काला धतूरा लेकर उसके बीज निकालिये और सुखाकर कांच की शीशी में सुरक्षित रखें। बुखार बार-बार आ रहा है तो २ बीज जल से निगलें, बुखार ख़त्म

खिलाडियों की इम्युनिटी  और स्ट्रेंथ बढ़ाने के लिए ताजी जड़ी से निर्मित दवाएं हैं जो डोपटेस्ट से भी मुक्त हैं -9889478084

अगर आपका पेट हमेशा साफ़ होता रहे तो न कभी गठिया होगा न असमय बाल सफ़ेद होंगे।

सूखी खांसी रही हो तो हरे पान के पत्ते में ३ ग्राम अजवाइन रख के चबा कर खाएं, सुबह दोपहर शाम एक-एक पान। बस।

समझ में नहीं आता कि भारतीय खिलाड़ी क्यों प्रतिबंधित दवाएं यूज करते हैं जबकि इतनी जड़ी बूटियां मौजूद हैं देश में। नाम से ज्यादा बदनामी होती है।

किसी भी तरह की हार्ट डिजीज हो तो सुबह दोपहर शाम २-२ चम्म्च शहद लीजिये, हार्ट कभी परेशान नहीं करेगा ,अटैक तो कत्तई नहीं पड़ेगा।

मैंने एक चमत्कारिक थेरेपी हर्बल  बाथ की  खोज की है। यह थेरेपी आप अपने कस्टमर को प्रोवाइड करा सकते हैं। इस थेरेपी में जड़ी बूटियों  काढ़े में व्यक्ति को आधा घंटा या जब तक वो चाहे , लेट जाने  कहा जाता  है। उसके बाद व्यक्ति खुद को हल्का फुल्का ,तरो ताजा महसूस करता है। शरीर के छोटे -मोठे दर्द और बीमारियां तो  आधे घंटे में ही ठीक  जाते हैं। थकान,ख़त्म हो जाती है। स्किन का ग्लो बढ़ जाता है। इतने फायदे  बिना कोई दवा खाये ही मिल जाते हैं।

अगर आप अपने सम्मानित होटल में यह अनोखी सुविधा कस्टमर्स को प्रोवाइड कराना चाहें तो हम आगे बातचीत कर सकते हैं। आप मुझे सूचित करने की कृपा करेंगे।
आयुर्वेद में मैंने बहुत अनूठे  प्रयोग किये हैं। तक सैकड़ों लोगो की  डायलिसिस छुड़वा  करके उन्हें  सामान्य जीवन जीने योग्य बना दिया है। कोई भी  दिमागी बिमारी जो किसी से ठीक  न होती हो ,मैंने उनका जड़ी  बूटियों से  सफल इलाज किया है। पेट की कोई भी  बीमारी दूर हो सकती है। बाहर निकले पेट समतल हो सकते हैं  . मेरी वेब साइट  आप देख सकते हैं।    

इस माह की व्हाट्सऐप टिप्स

माघ के महीने में काले तिल और गुड़ का भरपूर सेवन कीजिए।कफ ,पित्त ,वात सब सही रहेगा।पेट भी साफ़ हो जाएगा।
काले तिल को जिस पानी में धुला गया हो उस पानी से सकट के त्यौहार में महिलाएं बाल धोती हैं, इससे बालों में डैंड्रफ आदि ख़त्म हो जाते हैं।पुरुष भी इस पानी से बाल धो सकते हैं।
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सोमरस आयुर्वेद रिसर्च सेंटर

मंगलवार, 21 जुलाई 2026

Sugar


🌹Sugar🌹

अगर आपकी सुगर बहुत दवा खाने के बाद भी डाउन  नहीं हों रही है तो एक हफ्ता लगातार कुंदरू की सब्जी खाइये



इन आलेखों में पूर्व विद्वानों द्वारा बताये गये ज्ञान को समेट कर आपके समक्ष सरल भाषा में प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयत्न मात्र है .औषध प्रयोग से पूर्व किसी मान्यताप्राप्त हकीम या वैद्य से सलाह लेना आपके हित में उचित होगा

मंगलवार, 17 मार्च 2026

प्रोडक्ट के संभावित मूल्य

गत 20 वर्षों की आयुर्वेदिक साधना के दौरान मैने विभिन्न रोगों से बचाव और उपचार के लिए सैकड़ों औषधियों का निर्माण किया है जिनमे रसायन भी हैँ। रसायनो  का निर्माण ग्रंथों मे वर्णित विधि विधानों से हुआ है किन्तु शेष औषधियों के फ़ार्मूले मेरा अपना अविष्कार हैं। ये सभी निर्माण कामर्शियल स्तर पर नहीं हैं इसलिए ये प्रोडक्ट बाजार में नहीं हैँ।अगर किसी रोगी को आवश्यकता होती है तो ताज़ी औषधि तैयार कर दी जाती है।आप सबकी जानकारी के लिए एक लिस्ट नीचे है.......
***रसायन--

1-निर्गुण्डी रसायन 4500/-
2-हल्दी रसायन 1200/-
3-महाकामेश्वर रसायन 3000/-
4-बहेड़ा रसायन 1500/-
5-भिलावा रसायन 8000/- रु kg
6-विनायक रसायन( यह मेरा फ़ार्मूला है) 1000/-
7-सिद्ध चित्रक 2500/-

***अन्य औषधियाँ--

1-सुगर 2000/-
2-हार्ट ब्लाकेज 1800/-
3-लंग्स इन्फेक्शन 1200/-
4-किडनी स्टोन 3500/-
5-गाल ब्लैडर स्टोन 3500/-
6-लीवर इनलार्ज 1800/-
7-थायराइड ऑयल 2000/-for 200 ml
8-पेन ऑयल 1500/- 200 ml
9-हेयर ग्रोथ ऑयल 3000/- 200 ml
10-ब्लैक हेयर ऑयल 2000/- 200 ml
11-इयर ऑयल 300/- 30 ml
12-स्किन टोन ऑयल 3000/- 200 ml
13-शैम्पू पावडर 300/-
14-फेस पैक 1000/- 100 gram
15-फैटी लीवर 1800/-
16-अस्थमा 1200/-
17-मायगरेन 3200/-
18-मिर्गी 3000/-से 5000/- 
19-पार्किंसन 3200/-
20-मेमोरी 3200/-
21-डिप्रेशन 3200/-
22-ब्रेन ट्यूमर 3000/- से 9000/-
23-ब्रेन में ब्लड क्लाटेज 3000 से 9000/-
24-स्किजोफ्रेनिया 3000 से 8000/-
25- दांत दर्द के लिए खाने की दवा 1200/-
26- दांत दर्द सड़न पर मंजन 600/-
27- खर्राटे की दवा 4000/-
28- नसों नाड़ियों की गोलियां 1200/-
29- एंटी कोरोना 800/-
30- लूज कांफिडेन्स 3200/-
31- अनावश्यक बेचैनी 3200
32- हड्डियों का बुखार 700/-
33- डेंगू बुखार 500/-
34- स्किन टोन शैम्पू 600/-
35- आई/इयर ड्राप 100/-
36- जनरल इम्युनिटी चूर्ण 1400/-
37- स्पेशल इन्यूनिटी चूर्ण 6000/-
38- बेड सोर क्लियर 800/-
39- हेयर ग्रोथ टी 1000/-
40- मोटापा 2000/-
41- एंटी कैंसर मेडिसिन3000/-
42- नाईट फॉल की दवा 3000/-
43- यूरीन डिसार्डर चूर्ण 800/-
44- स्पर्म काउंट टॉनिक 8000/-
45- शीघ्र पतन टॉनिक 6000/-
46- नारी बांझपन की दवा 4400/-
47- रिंकल मूव ऑयल 300/-
48-  toxin रिमूवर 700
49- pcod 1600/-
50- अत्यार्तव (हैवी ब्लीडिंग) 1400/-
51- खर्राटे खत्म करने क़ी दवा 4000/-
52- स्वरभंग का चूर्ण 2000/-
53- Heart Saver 1200/-
54- Dry च्यवनप्राश 1100/-
55 - Anti कैंसर 3000/-
सभी मूल्य एक महीने की दवा के हैं जो कम से कम 150 ग्राम होती ही है डोज के अनुसार 250 ग्राम तक हो सकती है.

   जारी.......

रविवार, 21 दिसंबर 2025

वीडिओस

https://youtube.com/playlist?list=PLZqwe5te0xmoFX2RjUxRrem1NkZDsFxGv&si=Un843teA2UjieoVL

*अलका मिश्रा जी के कुछ विडियोज की प्लेलिस्ट बना दी है l बहुत जल्दी इसके और भी वीडियोस मिलेंगे आपको Gopal  Raju videos me l*

*अगर रुचि है उनके वीडियोस में, तो ऊपर दिए लिंक में क्लिक करें l*

गुरुवार, 18 सितंबर 2025

नाभि सेट करने का उपाय

नाभि सेट करने का उपाय --------------------------------
नाभि सेट करने के तीन उपाय मै आपको बता रही हूँ किन्तु हर उपाय सात दिन लगातार करना होगा -

1- सवेरे ज़ब आप सोकर उठते हैं तो बिस्तर से सीधे नीचे पैर न रखे. लेटे हैं तो बैठ जाएँ फिर अपने पैरों की तरफ धीरे धीरे झुकें 2 मिनट बाद सीधे हो जाएँ फिर 2 मिनट तक झुकें. अब आप बिस्तर से नीचे उतर कर दिन शुरू करें 

2- आप सीधे लेट जाएँ और दोनों पैरो के अंगूठे के ठीक बगल वाली ऊँगली को किसी को खींचने को कहें कम से कम सात बार वही एक ऊँगली खींच कर पुटकायें.

3- सीधे लेट कर नाभि में लटजीरा के तीन पत्तों का रस डाल कर 10 मिनट लेटिए फिर धीरे धीरे उठ कर एक गिलास पानी पीजिये.

सोमवार, 28 जुलाई 2025

इम्युनिटी बूस्टर

https://youtube.com/shorts/53yu9rxfkyE?si=BxqnJGiS65z1KZji

शनिवार, 21 जून 2025

किसी ने बताया है


*जिंदगी बचाने के अचूक आसान तरीके🌹*
*1.गले में कुछ फँस जाए:- तब केवल अपनी भुजाओं को ऊपर उठाएं:- एक बच्चे की 56 वर्षीय दादी घर पर टेलीविज़न देखते हुए फल खा रही थी। जब वो अपना सर हिला रही थी तब अचानक एक फल का टुकड़ा उसके गले में फँस गया। उसने अपने सीने को बहुत दबाया पर कुछ भी फायदा नहीं हुआ। जब बच्चे ने दादी को परेशान देखा तो उसने पूछा कि "दादी माँ क्या आपके गले में कुछ फँस गया है?" वो कुछ भी उत्तर नहीं दे पाई। बच्चा "मुझे लगता है कि आपके गले में कुछ फँस गया है। अपने हाथ ऊपर करो, हाथ ऊपर करो"* 
*दादी माँ ने तुरंत अपने हाथ ऊपर कर दिए और वो जल्द ही फँसे हुए फल के टुकड़े को गले से बाहर थूकने में कामयाब हो गयी। उसके पोते ने बताया कि ये बात उसने अपने विद्यालय में सीखी है।*
*2.सुबह उठते वक्त होने वाले शरीर के दर्द:- सुबह उठते वक्त गर्दन में दर्द और अकड़न महसूस होने पर अपने पांव ऊपर उठाएं। अपने पांव के अंगूठे को बाहर की तरफ खेंचे और धीरे धीरे उसकी मालिश करें और घड़ी की दिशा में एवं घड़ी की विपरीत दिशा में घुमाए।*
*3.पांव में बॉयटा या ऐठन:- बाएँ पांव में बॉयटा आया है तो अपने दाएँ हाथ को जितना ऊपर उठा सकते हैं उठायें और यदि बॉयटा दाएँ पांव में आया है तो आप अपने बाएँ हाथ को जितना ऊपर ले जा सकते हैं ले जायें। इससे आपको तुरंत आराम आएगा।*
*4.पांव का सुन्न होना:- बायां पांव सुन्न होने पर अपने दाएं हाथ को जोर से बाहर की ओर झुलायें या झटके दें। यदि दायां पांव सुन्न है तो अपने बाऐं हाथ को जोर से बाहर की ओर झुलायें या झटका दें।*
*5.आधे शरीर में लकवा:- एक सिलाई की सुई लेकर तुरन्त ही कानों की लोलिका के सबसे नीचे वाले भाग में सुई चुभा कर एक एक बूंद खून निकालें | इससे रोगी को तुरंत आराम आ जायेगा। उस पर से सब पक्षाघात के लक्षण भी मिट जायेंगे।*
*6.ह्रदय आघात की वजह से हृदय का रुकना:- ऐसे व्यक्ति के पांव से जुराबें उतार कर (यदि पहनी है तो) सुई से उसकी दसों पांव की उंगलियों में सुई चुभो कर एक एक बूंद रक्त की निकालें | इससे रोगी तुरन्त उठ जाएगा।*
*7.यदि रोगी को सांस लेने में तकलीफ हो:- चाहे ये दमा से हो या ध्वनि तंत्र की सूजन की वजह या और कोई कारण हो, जब तक कि रोगी का चेहरा सांस न ले पाने की वजह से लाल हो उसके नासिका के अग्रभाग पर सुई से छिद्र कर दो बून्द काला रक्त निकाल दें |*
*उपरोक्त सभी तरीकों से कोई खतरा नहीं है और ये केवल 10 सेकेंड में ही किये जा सकते हैं।*
*इस मैसेज को सुरक्षित (Save) करके रखलें। आपातकाल (Emergency) मे काम आयेगा। किसी की जान बचा सकते हो ओर साथ साथ चिकित्सा का भी प्रबंध करे। आपकी सहायतार्थ यह उपाय बहुत काम आ सकते है*।

गुरुवार, 8 मई 2025

ध्यान से सुनिए

खास है येhttps://youtu.be/Id397CnjvEo?si=OpyWWQiWIQOIO9v-

मंगलवार, 6 मई 2025

पूर्ण जवानी पाने का रहस्य

यह पूर्ण रूप से शास्त्रोक्त हैयह पूरी तरह वैदिक है
https://youtu.be/Id397CnjvEo?si=xOTS9WkW4tvVUW0q

गुरुवार, 20 जून 2024

मै

अगर आपको भारत वर्ष की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद पर थोड़ी सी भी आस्था है तो आप किसी भी बीमारी के आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट के लिए मुझसे बात कर सकते हैं.
यदि रोग पुराना है और आप कई वर्षो से विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों का सहारा ले रहे है तो कम से कम तीन महीने जड़ी बूटियाँ खा कर परिवर्तन देखिये.
मैं आपको अपने बारे मे  बता दूँ कि मै लखनऊ में रहती हूँ और पिछले 22 वर्षो से जड़ी बूटियों पर काम कर रही हूं. मेरे पूज्य बाबाजी स्व0 सीताराम मिश्र ने सन 1948 में वैद्य कि डिग्री हासिल कि थी. उनके साथ सिर्फ 6 लोगो को यह डिग्री मिली थी जिनमें गोरखपुर के वैद्य आत्माराम दूबे भी एक थे. इसलिए मेरे तो रक्त में ही आयुर्वेद है. मै साबूत और ताज़ी जड़ियों और मसालों की सहायता से औषधियों का मिश्रण तैयार करती हूँ जो क्लासिक भी होता है और यूनिक भी. मुझे प्राचीन ग्रंथो भैसज्य रत्नावली, चरक संहिता, सुश्रुत संहिता, अर्क प्रकाश, भाव प्रकाश जैसे सैकड़ो ग्रंथो पर भी विश्वास है और मै निरंतर इनका अध्ययन करती हूँ. शेष तो आप औषधि प्रयोग के बाद ही जान जायेंगे कि आयुर्वेद कैसे चमत्कार करता है. मेरा संपर्क नंबर निम्न है --
7518054158
9889478084

रविवार, 28 जनवरी 2024

सर्दी और अजवाइन

                                 अजवाइन के फायदे मैंने पहले भी बताएं हैं। सर्दी के मौसम में ठंड लग जाने से लूज मोशन ,सिर  दर्द , बुखार जैसी समस्याओं को ये अजवाइन चुटकी बजाते ही ख़त्म कर देती है। एक चम्मच लगभग ५ ग्राम अजवाइन को मुंह में रख कर सादे पानी से निगल लेने से काफी आराम मिलता है। ३ दिन लगातार एक चम्मच अजवाइन को पानी से निगल लेने से ये समस्याएं जड़ से ही ख़त्म हो जाएँगी और आपको हॉस्पिटल जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी.  

              इन आलेखों में पूर्व विद्वानों द्वारा बताये गये ज्ञान को समेट कर आपके समक्ष सरल भाषा में प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयत्न मात्र है .औषध प्रयोग से पूर्व किसी मान्यताप्राप्त हकीम या वैद्य से सलाह लेना आपके हित में उचित होगा 




शनिवार, 16 दिसंबर 2023

राजवारुणी

प्रकाण्ड विद्वान और महान शिवभक्त  लंकाधिपति रावण की पत्नी मंदोदरी जब गर्भवती थीं और क्लांत थी तो उनके मन को प्रसन्न करने के लिए रावण ने इस औषधि का वर्णन किया था जिसे बाद में राजवारुणी के नाम से जाना गया।

आजकल मदिरापान का फैशन चल निकला है जो बाद में लत बन कर जानलेवा भी साबित हो जाता है। बाजार में उपलब्ध मदिरा लीवर डेमेज करती है सभी जानते हैं लेकिन फिर भी पीते हैं।
रावण संहिता और रावण रचित अन्य आयुर्वेद की पुस्तकों में  राजवारुणी , पशुमांस से निर्मित वारुणी मय, पक्षिमांस से निर्मित मय, औषधियों से निर्मित मय वारुणी का विशद वर्णन है।अगर आप सभी ने अपनी बेबाक प्रतिक्रिया दी तो मै औषधियों से निर्मित वारुणी जिसे राजवारुणी का दर्जा प्राप्त है उसके निर्माण की कोशिश कर सकती हूँ ।अन्य तरह की मय नहीं बना सकती क्योंकि मुझे लहसुन प्याज़ छुने से भी परहेज है जीव मांस तो दूर की बात है।
किन्तु इस वारुणी को गर्भवती मंदोदरी के लिए रावण ने निर्मित किया था यह शरीर को पुष्टि देती है और मन को अतीव प्रसन्नता प्रदान करती है।यह  तीन महीने के समय में निर्मित होती है।

बुधवार, 25 जनवरी 2023

Jagdishvari mareshvari bhuvneshvari parmeshvari
maa dhyan de kuchh gyan de yshamaam de kuchh bhaan de






इन आलेखों में पूर्व विद्वानों द्वारा बताये गये ज्ञान को समेट कर आपके समक्ष सरल भाषा में प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयत्न मात्र है .औषध प्रयोग से पूर्व किसी मान्यताप्राप्त हकीम या वैद्य से सलाह लेना आपके हित में उचित होगा

बुधवार, 28 सितंबर 2022

लिख लोढ़ा पढ़ पत्थर

बड़ी मुसीबत है, कुछ बताना भी गुनाह है।लोग ऐसे ऐसे ताने दे रहे हैं, एक सज्जन ने तो व्हाट्सअप पर ग्रुप में करेले वाली टिप्स के नीचे लिख दिया कि सितंबर में भिंडी न खाएं बेसन तो बिल्कुल नही।
मुझे क्रोध आना लाजिमी था।शायद यही कारण है कि आज अस्पतालों के धन्धे खूब चमक रहे हैं।
मैं ही पागल हूँ।खाओ भइया, कुंवार में करेला भी खाओ, भादो में दही भी खाओ।मेरे पेट मे दर्द थोड़ी होगा।न मेरे पल्ले से पैसे खर्च होंगे।
एक सज्जन मस्तिष्क के बारे में शोध परक पोस्ट लिखते हैं, विद्वान लगते हैं, उनका कहना था कि लीवर तो हमेशा एक ही जैसा पाचक रस देता है।
अब ये नार्मल सी बात है कि ऐसा कैसे संभव होगा। यही शरीर है न ।आज जैसे कपड़े पहन कर आप घूम आते हैं क्या आज से 4 महीने बाद यही कपड़े पहन कर घर से बाहर निकलने की हिम्मत होगी ??
तो ये सामान्य सा सामान्यज्ञान क्यो नही समझ मे आ रहा कि शरीर के प्रत्येक अंग का व्यवहार मौसम के अनुसार बदलता है।

सोमवार, 27 दिसंबर 2021

बाल काले रखने वाला मंजन

इससे मंजन करते रहने से बाल सफेद नही होते।

रविवार, 4 जुलाई 2021

5000 साल जी सकता है मानव

कई हजार वर्ष जीना कोई मुश्किल नहीं है किंतु इसके लिए सर्वाधिक आवश्यक है कि आपका शरीर निरोग हो। उसके लिए मौसम और शरीर के अनुकूल भोजन हेतु प्रकृति ने बहुत कुछ दिया है मनुष्य को। यदा कदा आ जाने वाली व्याधियों के लिए जड़ी बूटियां भी प्रचुर मात्रा में देती है पृथ्वी।लेकिन इसी पृथ्वी पर वह खजाना भी उपलब्ध है जिसका यथाशक्ति यथाभक्ति सेवन करने से मनुष्य अतीन्द्रिय हो सकता है। अतीन्द्रिय का अर्थ है आपकी देखने सुनने खाने पीने जीने आदि की क्षमता का सैकड़ों गुना बढ़ जाना। पृथ्वी पर उपस्थित इसी खजाने के लिए देवतागण भी आते हैं।वर्ष में सिर्फ एक दिन। ताकि उनकी अतीन्द्रिय क्षमता बरकरार रहे और देवपद बना रहे। यही खजाना हम मनुष्य नही प्राप्त कर पाते।
महान वैद्य शल्य चिकित्सा के जनक महर्षि सुश्रुत ने लिखा है कि-----
ओषधिनाम पतिं सोममुपयुज्य विचक्षणः
दशवर्ष सहस्राणि नवां धारयते तनुम
नाग्निरतोयँ न विषम न शस्त्रम न अस्त्रमेव च
तस्यालमायु क्षपणे समर्थानि भवन्ति हि।

ॐ सोमलताय नमो नमः
ये दिव्य औषधियां हैं:----
अंशुमान
मुंजवान
चन्द्रसोम
रजतप्रभ
दुर्वासोम
कनीयान
श्वेताक्ष
कनकप्रभ
प्रतानवान
तालवृंत
करवीर
अंशवान
स्वयंप्रभ
महासोम
गरुड़ाहृत
गायत्र
त्रिष्टुभ
पांक्त
जागत
शॉकवर
अग्निष्टोम
रैवत
त्रिपदा गायत्री
उडुपति

ये वो महाऔषधियाँ हैं जिनका रसपान देवता वर्ष में एक बार अवश्य करते हैं।

शुक्रवार, 18 जून 2021

छोटे नुस्खे

***** आपको लगता है कि गले में कुछ फंसा हुआ है।आवाज स्पष्ट नही है या सीने में भारीपन है तो सिर्फ एक काम कीजिये।एक जग में गुनगुना पानी लीजिये और आराम से आल्थी पालथी मार के बैठ जाइए।मुंह में पानी भरिये और तब तक भरे रहिये जब तक असहनीय न हो जाये फिर पानी बाहर। दो चार लम्बी लम्बी सांसे लीजिये फिर दुबारा मुंह में पानी भरिये और सहन की सीमा तक शांति से बैठिये।इस तरह से 5 बार तो कीजिये ही।

इस पानी मे अगले दिन अजवाइन का काढ़ा भी मिला सकते हैं।

रिस्पांस जरूर बताइयेगा।🙂

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 औषधि का निर्माण तो किया है ब्रेड के ब्लैक फंगस पर ट्राई भी किया खांसी और सूखते गले पर भी सफल प्रयोग किया।अब आप को समर्पित।
इसको मैं अगर टैबलेट बना पाती तो चूसने से ही लाभ मिलता किन्तु तैयार चूर्ण को शहद से चाटना होगा।
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 अद्भुत योग है भाई आयुर्वेद में, जितने महीने इसका सेवन करेंगे उतने सौ वर्षों तक जीयेंगे।
इसका सेवन ऋषि मुनिगण अवश्य किया करते थे।
हाँ औषधि के बाद मूंग चावल और घी आंवला की खिचड़ी खाने का नियम है बिना नमक की।
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*गाय का घी*

गाय का पुराना घी केवल बाहरी उपचार के लिए उपयोगी है।सेवन करने के लिए गाय का ताजा घी ही उत्तम रहता है।