आयुर्वेद का अर्थ औषधि - विज्ञान नही है वरन आयुर्विज्ञान अर्थात '' जीवन-का-विज्ञान'' है

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बुधवार, 30 दिसंबर 2009

एक आदेश

 इन आलेखों में पूर्व विद्वानों द्वारा बताये गये ज्ञान को समेट कर आपके समक्ष सरल भाषा में प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयत्न मात्र है .औषध प्रयोग से पूर्व किसी मान्यताप्राप्त हकीम या वैद्य से सलाह लेना आपके हित में उचित होगा

सभी ब्लॉगर साथियों को मेरा सादर नमस्कार ,
आप लोग इस आलेख  के शीर्षक को देखकर नाराज मत होना
आज कल जितने समस्याग्रस्त जीव [मरीज] मेरे पास आ रहे हैं सभी का जवाब मेरे एक प्रश्न के उत्तर में ऐसा होता है कि बस मैंने वही जवाब सबका मान लिया है ,जाहिर है कि आपका भी वही जवाब होगा ,तो मुझे अब आप लोगों को आदेश ही देना पडेगा . 
मेरा प्रश्न है कि--  आप दिन में कितनी बार मूत्र त्याग करते हैं ?
आज तक के जवाब हैं--चार या पाच बार ,सिर्फ दो लोगो ने छः-सात बार बताया .
ये जवाब अब मुझे गुस्सा दिलाने के लिए काफी हैं .
आप सोचेंगे कि भला क्यों ?
मूत्र त्याग = यूरीन डिस्चार्ज
यूरीन यूरिया से बना शब्द है ,आप रोज कितनी यूरिया खाते हैं ?गेहूँ ,चावल ,दाल ,सब्जियां सब तो बोरा -बोरा यूरिया डाल-डाल कर उगायी जाती हैं ,इन्हें धोने पकाने से तो यूरिया निकल नहीं जाती ,लेकिन हमारे शरीर में ऐसा सिस्टम है जो खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले हानिकारक तत्वों को छान -फाटक कर अलग कर देता है ,ये तत्व सामान्य दशा में मलाशय और मूत्राशय में एकत्र होकर बाहर निकल जाते है. अगर आप इन्हें  शरीर में रोके रहें तो शायद मुझे बताने की जरूरत  नहीं कि शरीर क्या महसूस करेगा ? 
अगर आप स्वस्थ रहना  चाहते है तो २४ घंटे में कम से कम  एक बार मल त्याग और 9 बार मूत्र त्याग जरूरी है ताकि शरीर में भोज्य पदार्थों के माध्यम से जाने वाला जहर बाहर निकलता रहे ,तथा किडनी,लीवर और फेफड़े सुरक्षित रहें ,
इस यूरिया ने जब हमारे देश के एक बहुत  बड़े भूभाग को बंजर  कर दिया तो फिर हमारे हाड-मांस के ५-६ फुट  के शरीर की क्या औकात  है? इसी जहर की वजह से हमारे हारमोन डिसबैलेंस हो जा रहे हैं ,नपुंसकता बढ़ रही है , दिमाग पर सर्वाधिक असर हो रहा है जिसकी वजह से रेप केस के साथ साथ क्राईम ज्यादा हो रहे हैं ,विनम्रता  ख़त्म होती जारही है ,दिमाग में हमेशा गरमी चढी रहती है तो  ब्लड प्रेशर  सामान्य कैसे रहेगा ?बाल झड़ना ,नजर कमजोर होना ये सब इसी के दुष्प्रभाव हैं .
आप किसानों को या दूधियों को यूरिया का प्रयोग करने से तो मना कर नहीं  सकते ,डिब्बा बंद खाद्य पदार्थों में जो रसायन इस्तेमाल किये जाते हैं ,उनसे भी आप बच नहीं सकते ,ये भी संभव नहीं कि सब कुछ खाना ही छोड़ दें हम ,पर ये जो हमारा शरीर है न ,इसकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना हमारे हाथ में है और शरीर से ज्यादा से ज्यादा जहर बाहर निकालना हमारे हाथ में है.
तो आप लोगों को ये मेरा अनुरोध नहीं आदेश है कि कम से कम 9 बार मूत्र विसर्जन कीजिये ,चाहे इसके लिए जितना पानी पीना पड़े . अगर आपने एक सप्ताह यह काम कर लिया तो आप खुद ही आठवें दिन अपने आपको इतना हल्का -फुल्का महसूस करेंगे जितना आपने कभी नहीं किया होगा ,अनेक बीमारियाँ तो आपकी यूं ही नष्ट हो जायेंगी .
ये आयुर्वेद की सबसे सस्ती दवा मैंने आपको बतायी है ,लेना न लेना आपके हाथ में ,
शरीर तो आप ही का है ,और आपको अगर अपने शरीर में जहर इकट्ठा करने का शौक है तो मैं क्या करूं ?
मैंने तो अपना फर्ज निभा दिया .....

27 टिप्‍पणियां:

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

बहुत जानकारीपूर्ण आंखे खोल देने वाला आलेख . आभार

Vinashaay sharma ने कहा…

में मूत्रत्याग दिन में इतनी बार करता हूँ,शायद २५,३० बार हाँ रात्रि में चार पाचँ बार,डाकटर,वैद्य सबको दिखा चुका हूँ,पर कोई लाभ नहीं होता ।

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत आभार इस सलाह के लिए.

---

यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि आप हिंदी में सार्थक लेखन कर रहे हैं।

हिन्दी के प्रसार एवं प्रचार में आपका योगदान सराहनीय है.

मेरी शुभकामनाएँ आपके साथ हैं.

नववर्ष में संकल्प लें कि आप नए लोगों को जोड़ेंगे एवं पुरानों को प्रोत्साहित करेंगे - यही हिंदी की सच्ची सेवा है।

निवेदन है कि नए लोगों को जोड़ें एवं पुरानों को प्रोत्साहित करें - यही हिंदी की सच्ची सेवा है।

वर्ष २०१० मे हर माह एक नया हिंदी चिट्ठा किसी नए व्यक्ति से भी शुरू करवाएँ और हिंदी चिट्ठों की संख्या बढ़ाने और विविधता प्रदान करने में योगदान करें।

आपका साधुवाद!!

नववर्ष की बहुत बधाई एवं अनेक शुभकामनाएँ!

समीर लाल
उड़न तश्तरी

राज भाटिय़ा ने कहा…

मै दिन मै आठ नॊ बार मुत्र त्याग करता हुं, लेकिन मुझे अब दो लिटर से ज्यादा तरल पदार्थ लेना मना है, यानि ज्यादा से ज्यादा २ लिटर, मेरे फ़ेफ़डो मै पानी चला गया था, क्या आप के पास कोई इस का देसी उपचार है जिस से फ़ेफ़डो मै दोवारा पानी ना आये, अगर हां तो जल्द जबाब देवे क्योकि मै जल्द ही भारत आ रहा हुं, ओर कोई देसी दवा हुयी तो वो सिर्फ़ भारत मै ही मिलती है, तो मै भारत से खरीद सकता हुं. आप का धन्यवाद

हास्यफुहार ने कहा…

आपका आदेश सर आंखों पर।
आने वाला साल मंगलमय हो।

रंजू भाटिया ने कहा…

बहुत बढ़िया जानकारी दी है आपने शुक्रिया

अजय कुमार ने कहा…

शुक्रिया इस जानकारी के लिये । लेकिन कितना पानी अथवा तरल पदार्थ लेना आवश्यक है ये भी बताने का कष्ट करें ।
नव वर्ष मंगलमय हो

दिगम्बर नासवा ने कहा…

बहुत अच्छी जानकारी ...... सोचा नही था इस तरह .........
आपको और आपके पूरे परिवार को नये साल की बहुत बहुत शुभकामनाएँ .......

IMAGE PHOTOGRAPHY ने कहा…

umda jankari .

Vinashaay sharma ने कहा…

अलका जी आपका फोन नम्बर मिल गया,में दिल्ली के पास गाजियाबाद में,हूँ,आपको मेरे लिये फोन करना कठिन होगा,हम gmail की चैट पर बात कर सकतें है,मेरा फोन नम्बर है 0983495770 और चैट पर आपको request भेज रहा हूँ,क्रिपया स्वीकार कीजीये,धन्यवाद अलका जी ।

Pushpendra Singh "Pushp" ने कहा…

खुबसूरत रचना आभार
नव वर्ष की हार्दिक शुभ कामनाएं ................

Sulabh Jaiswal "सुलभ" ने कहा…

बहुत ही ज्ञानवर्धक आलेख है ये.
-------------------------
नया वर्ष नयी उम्मीदों
नयी तैयारियों के नाम
नूतन उत्साह और
नवीन चेतना के नाम


- सुलभ जायसवाल 'सतरंगी'


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/_ /ear 2010

dweepanter ने कहा…

बहुत अच्छी जानकारी ......
नव वर्ष की शुभकामनाओं के साथ ब्लाग जगत में द्वीपांतर परिवार आपका स्वागत करता है।

शबनम खान ने कहा…

Is blogging ki race me koi ha jise hamara bhi khayal ha...bohot shukriya...
aadesh ka palan hoga...

Alpana Verma ने कहा…

Sorry lekh par baad mein tippani dungee...abhi aap ka jawab--
अलका जी नमस्कार,
आप की टिप्पणी प्राप्त हुई,धन्यवाद.
नया साल आप को भी मुबारक हो.
आप ने ब्लॉगर अवॉर्ड वाला जो प्रश्न किया है ना..अपनी जगह सही है..
मगर आप शायद नहीं जानती की इस तरह के ना जाने कितने..मेरी जानकरी में ३ जगह वोटिंग ho रही है...
आप भी अपना अवॉर्ड बना लें---क्या मुश्किल है..??
अपनी जानकारी और पहचान वालो ki sites/blogs के नाम नामित कर दें...
और अपने लोगों से वोटिंग करवा ले....
बेस्ट ब्लॉगर बन गया..यहाँ yahi सब शुरू हो गया है..aur एक सर्टिफिकेट दे दें....Inaam de saken to theek na de to bhi..theek--
Certificate winner ब्लॉगर अपने ब्लॉग पर लगा लेगा..अपना लिंक उसमे जोड़ दें ..लो हो गया आपका प्रचार भी...

***यही सब चल रहा है यहाँ...आप भी जितने नाम जानती हैं उन्हें ले कर अवॉर्ड प्रक्रिया शुरू कर दें...By the way....इन अवॉर्ड का ना कोई महत्व है ना कोई मूल्य...आप भी किस बात को ले कर ऐतराज़ कर आयी हैं?
Bas likhtee raheeye..apni khushi ke liye.....!
Ek aur baat---aap jab tak apni Prayojak khud nahin banengee ..log aap ko kaise pahchange??
--matlab--dusron ko padheeye aur tipiyayeeye...tabhi na janenge sab aap ko????:)
--all the best----!

शोभना चौरे ने कहा…

amuly jankari ke liye dhnywad .
aur jo vot ki bat aapne kahi hai usme alpnaji ki bat se purnth shmat .
mere vichar se prtiyogitaye aur award sirf irshya ko janm dete hai .

हरकीरत ' हीर' ने कहा…

अलका जी इस जानकारी के लिए शुक्रिया .....!!

आपने जो प्रश्न उठाया उसका जवाब अल्पना जी ने दे दिया .....अच्छा लिखने वाले अपने लेखन से पहचाने जाते हैं न की ऐसे अवार्डों से ......!!

और एक बात .....आपका ब्लॉग प्रशंसा का हक़दार है इसकी पहुँच बढाइये .......!!

देवेन्द्र पाण्डेय ने कहा…

मैंने कभी संख्या पर ध्यान नहीं दिया। कल से अवश्य करूँगा। डा० का आदेश सर माथे पर।
धन्यवाद.

daanish ने कहा…

bahut hi qeemtee jaankaari...
aapka ehsaan rahaa ye hm sb pr
Bhagwaan aapko aur smarth`taa aur shaktee peadaan kareiN.

अनामिका की सदायें ...... ने कहा…

alka ji bahut bahut abhari hu jo apke rev. dwara me apke in amulye articles tak pahuch payi.bahut acchhi achhi jaankariya mili.bahut bahut shukriya.aage bhi intzar rahega.

अमिताभ त्रिपाठी ’ अमित’ ने कहा…

alka jee,
main bina is niyam ko jaane hi baut paani peeta hun aur natijatan mutratyag bhi|Isake bavajud bhi kidney stone ki shikayat ho gayi thi, jise ayurvedik aushadhiyon se thik kiya gaya.Idhar bahut dino se in sabaki koi khabar nahin li. mahatvpoorn jaankaari ke liye shukriya|

Ravi Rajbhar ने कहा…

Alka jee,
bahut-bahut abhar apke is vichar aur jan sandesh ke liye. der se aapke blog par aya .par ab khus hun ki ayato sahi.
Alka jee aap padosi hain ish liye mujhe apni samashya ka hal dikhae de raha hai.mai chartered accountant student hun..padai upar se ghar ki tention ..asar mere balo aur sehat ko ho raha hai..kya aapki koe depensary hai.yadi han to patan batayen..!
link ish prakar hai.
ravirajbhar_sona@rediffmail.com

http://ravirajbhar.blogspot.com

Thanks.

Rajeev Nandan Dwivedi kahdoji ने कहा…

सही कहा आपने. हमने तो वैसे कभी ध्यान नहीं दिया कि कितनी बार जाते हैं, पर अब गिनता हूँ. :)

Asha Joglekar ने कहा…

बहुत ही बढिया जानकारी आज पासूनच सुरवात करते रोज 7-8 ग्लास पाणी प्यायला ।

अविनाश वाचस्पति ने कहा…

अलका बहन को बधाई। यह पोस्‍ट आज 30 जनवरी 2009 को अमर उजाला में प्रकाशित हुई है। सत्‍कार्यों और निरोग रहने के उपायों के प्रचार प्रसार और मानवोपयोगी होने को अब प्रिंट मीडिया ने भी पहचान लिया है।

Gyan Darpan ने कहा…

आपका यह आदेश आज ही पढ़ा है अब इस पर पूरा अमल करेंगे |

Dr, Deepak Acharya ने कहा…

अनायास प्राप्त इस महत्वपूर्ण ज्ञान भण्डार की उपलब्धता के लिए हार्दिक आभार स्वीकारें। भारतीय पद्धति से भरे ज्ञानसमुद्र का ज्ञान पाकर अत्यन्त प्रसन्नता हुई। जीव और जगत के भले के लिए किए जा रहे आपको सद्प्रयासों में पूर्ण सफलता की कामना करता हूं।